Saturday, November 17, 2018

31 घंटे में फ्रेंडशिप पीक समिट (5194 मी.) Friendship peak summit (5194 m) in 31 hours

27 अक्टूबर 2018
पीर-पंजाल माउंटेन रेंज की गोद में पली-बढ़ी एक बेहद मशहूर चोटी “फ्रेंडशिप पीक” है, इसकी ऊँचाई “इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन” के हिसाब से 5289 मीटर है और यह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू डिस्ट्रिक्ट की अति फेमस घाटी “सोलांग” में स्थित है । आईये जानते है इस पीक के बारें में जिसने इतने कम समय में “नॉन-टेक्निकल पीक” व “ट्रैकिंग पीक” जैसी बड़ी-बड़ी उपाधियां अपने नाम कर ली । 

Tuesday, November 6, 2018

आखिरी मुलाकात हनुमानगढ़ के साथ (Last Encounter with Hanumangarh)

पिछले कल से पहले सम्पूर्ण हिमालय ने दिवाली की ख़ुशी में नया शाल ओढ़ लिया है । अब आप 3000 मीटर पर जाओ और धूप में नहाते हुए पर्वतों की शोभा देखो । वैसे तो हनुमानगढ़ मैं पहले भी बहुत बार जा चुका हूँ लेकिन इस बार अलग होने वाला हैं ।

Friday, September 21, 2018

माउंट यूनम : खेल-खेल में चढ़ो 6092 मीटर (Mount Yunam : Happy hiking to 6092 meter)

2-जुलाई-2018
स्टोक कांगड़ी चढ़ने का नशा ज्यादा देर न टिक सका, लेह में 1200 के कमरे ने सरेआम “नरक में जाओगे सब” बोलने पर मजबूर कर दिया । हमारे पास दो ख़बरें थी, खुशख़बरी के अंडर लेह से मनाली बस का टिकट 640 रु. प्रति व्यक्ति है और दुखखबरी के  मुताबिक अगले दो दिन बस की सीटें फुल हैं । ‘नेहा स्वीट्स’ की जलेबी व ‘फ़ूड कॉर्नर’ के लाइम सोडे ने इन ‘टू डेज’ को ‘ब’ से बेहतरीन बना दिया ।

Friday, September 7, 2018

बुद्धिष्ट और हिन्दुओं की आस्था का संगम "मचैल यात्रा" (Confluence of Buddhas and Hindus faith "Machail Yatra")


मचैल यात्रा हर साल अगस्त में शुरू होती है । मचैल मंदिर हिन्दू देवी दुर्गा को समर्पित है और जम्मू-कश्मीर राज्य की किश्तवाड़ डिस्ट्रिक में स्थित है, यहां की ऊँचाई 2958 मी. है । पाडर घाटी और चेनाब की सुन्दरता में पल रहे इस स्थान की सुन्दरता को शब्दों में ब्यान कर पाना असम्भव है । एक तरफ यह घाटी नीलम की खदानों के लिए प्रसिद्ध है वहीं दूसरी और बेतहाशा सुंदर ट्रैकों का कोई तोड़ नहीं ।

Thursday, August 2, 2018

छह हजारी बनने का सफर : स्टोक बेस कैंप-समिट-लेह (Story Of 'The First Summit' : Stok Base Camp-Summit-Leh)

27 जून 2018
पहली बार 6000 मी. पर पहुंचने की चाहत देश की अर्थव्यवस्था की तरह खतरे में पड़ गई । रात से हो रही बारिश व बर्फबारी ने स्थिति को पेचीदा बना दिया । खराब मौसम को देखते हुआ बागी-4 ने आज जाना अवॉयड कर दिया, गौरव के सिरदर्द ने उसे समिट से रोक लिया, नूपुर की उखड़ती सांसों ने उसे वापस लौटने पर मजबूर कर दिया । रास्ते की जीरो जानकारी और खराब मौसम को नजरंदाज करते हुए मैं अकेला ही आगे बढ़ गया, बिना सोचे-समझे कि परिणाम क्या होंगे । 

Sunday, July 29, 2018

छह हजारी बनने का सफर : स्टोक गांव-स्टोक बेस कैंप (Story Of 'The First Summit' : Stok Village-Stok Base Camp)

25 जून 2018
2010 तक मैं ट्रेकिंग का केजरीवाल था, उसे राजनीति की और मुझे पहाड़ों की जानकारी न के बराबर थी । 2018 में देखता हूं तो हाल वैसा ही है, भयानक ऐज दिल्ली का वेदर । 2013 में ख्याल आया कि मैं भी पहाड़ चढूंगा, समिट करूंगा । 5 साल तक हर पहाड़ से हिम्मत मांगी और जब हिम्मत आई तब एकसाथ 2 चोटियां फतेह हुई, स्टोक कांगडी (6130 मी.) और माउंट यूनम पीक (6093 मी.) । जानते है छह हजारी बनने की विधि । 

Saturday, May 19, 2018

स्थापित हुआ विश्व कीर्तिमान : शेर्पा कामी रीता, 48 की उम्र में 22 बार 8848 मी. चढ़े

बुधवार 16 मई 2018, सुबह के सही 08:30 बजे, अनुभवी गाइड शेर्पा कामी रीता ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर कदम रखते ही विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया । 21 बार एवरेस्ट फतेह करने का विश्व कीर्तिमान इससे पहले आप्पा शेर्पा और फुर्वा तासी शेर्पा के नाम था । वह दुनिया जहाँ लोग माँ की कोख से कम-से-कम 4-4 जोड़ी फेफड़े लेकर पैदा होते हैं ।

Saturday, March 17, 2018

शतवादिनी मंदिर और 4 अंजान दोस्त (Shatvadani Temple & 4 Unknown Friends)

17 फरवरी 2018
बहुत साल पहले की बात है जब मैं फेसबुक के द्वारा अरुण जसरोटिया से मिला था । फिर सिलसिला शुरू हुआ और हमने साल 2014 में चादर (द फेमस वन) जाने का प्लान बनाया, दोनो ही नहीं जा पाए अपनी-अपनी समस्याओं के चलते । कई बार मिलने के प्लान बने, नहीं मिले, फिर आख़िरकार ऐ.जे. ने खुद ही पहल करी और 16 फरवरी को बीड में कदम रखा । हमने शतवादिनी मंदिर तक ट्रेक किया जिसके बाद वो वापस जम्मू रवाना हो गया ।

Sunday, March 11, 2018

विंटर ट्रैकिंग : कमरुनाग-शिकारी देवी-जंजैहली (Winter Trekking : Kamrunag-Shikari Devi-Janjhaili)

1 फरवरी 2018
कल रात चूहों ने स्लीपिंग बैग में घुसने के अलावा बाकी सब किया । हम 2 हैं, जनवरी का आखिरी दिन है, शिकारी तक पहुंचने के लिए कमर तक बर्फ में डूबना होगा, शिकारी शाम को पहुंचते हैं । सराय है, पर पानी नहीं है, तो बर्फ पिघलाते हैं । बाहर हवा जमी हुई बर्फ को उखाड़ रही है । आगे के रास्ते को लेकर दुविधा है, 2-3 बार गलत रास्ता लेते हैं, बर्फ ही बर्फ है । उतराई है, जैसे-तैसे बूढा केदार पहुंचते हैं, जंजैहली से बस, बस से एक्टिवा और अंत में रात 10 बजे बीड़ । विंटर एडवेंचर पूरा हुआ ।

Thursday, March 8, 2018

विंटर ट्रैकिंग : रोहांडा से कमरुनाग झील (Winter Trekking : Rohanda to Kamrunag lake)

30 जनवरी 2018
“31 जनवरी को स्पेशल मून निकलने वाला है, तो जालसू पर धावा बोलने को तैयार रहना”, बोलकर रॉकी ने फ़ोन काट दिया । गूगल ने बताया कि “यह चंद्रग्रहण है और इस दौरान ऐसी स्थिति बनेगी जब मून, मून न होकर सूपर मून और फिर ब्लू मून में परिवर्तित होता दिखेगा । इस आकाशीय घटना को ‘सूपर ब्लू मून’ कहा जाता है” । वैसे इसे “कयामत की रात” नाम देना भी गलत न होगा ।